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Wednesday, January 9, 2008

जब सस्ती कार सड़क पर आयेगी

सुना है अब सस्ती कर सड़क पर आयेगी
जब महंगी ही थी तब भी
कोई कम कहर बरपातीं थीं
जो सस्तीं में रहम दिखाएंगी
मोटर साइकिल के झुंड ही
रास्ते पर पैदल चलना मुश्किल कर देते
कारों के हार्न ही कान बहरा कर देते
सस्ते होने से कारों के संख्या जो बढेगी
सांस लेना होता जायेगा मुश्किल
महंगाई के इस युग में
जिन्दगी हो गयी है सस्ती आदमी
सस्ती कारो से मुफ्त की हो जायेगी
पहिये तो कार में चार ही होंगे
पर कोई सड़क तो चौड़ी नही हो पायेगी
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Wednesday, December 26, 2007

दृश्य-अदृश्य

शूटिंग-हूटिंग
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सुरा, सुंदरी और सता के खेल में
अब ऐसे दृश्य सामने आने लगे हैं
कि पता ही नहीं लगता
असल हैं या फिल्म की शूटिंग है
दौलत, शौहरत और ताकत के सहारे
करने वालों का हर कर्म
शानदार अभिनय कहलाये
गरीब के बुरे क्या अच्छे कर्म पर भी
लोग करते हूटिंग है
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दृश्य-अदृश्य
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प्रचार प्रबंधक रचते हैं
शब्दों का ऐसा मायाजाल कि
फिल्मी हीरो
असल जिन्दगी में विलेन होते हुए भी
लोगों के दिल में हीरो होते हैं
अखबार और टीवी में खबरों की
ऐसी चाल रचते हैं गोया कि
हीरो के जग जाहिर काले कारनामे भी
ऐसे प्रस्तुत होते हैं जैसे
कोई काल्पनिक दृश्य हैं
देश , समाज और मर्यादाओं का
कोई लेना-देना नहीं
हीरो से लड़ने वाली
उसे सताने वाली
ऎसी शक्ति है जो अदृश्य है
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प्रचार प्रबंधन
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असली दृश्य नकली लगे
और नकली लगे असली
इसी करामात को
कहते हैं प्रचार प्रबंधन
खलनायक को फिल्म में पीटकर
बनता है नायक
करता है असल जिंदगी में खलनायकी
पर अखबार रहते हैं खामोश
और टीवी पर ऐसे दृश्य आते जैसे
लोग देख रहे हैं स्वपन
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ख्याल हमेशा हकीकत नहीं हुआ करते
अगर ऐसा होता तो
लोग आसमान में ही उड़ते

जमीन की तरफ नजर तक नहीं करते

Tuesday, December 25, 2007

साबित करना होगा कबूतरनी नहीं पत्नी

बडे लोगों की कबूतरबाजी के
यही हाल रहे तो
विदेश में हर भारतीय को
अपने साथ ले जाने में दिक्कत होगी पत्नी
विदेश में हवाई अड्डे पर
साबित करना होगा नहीं है
वह उड़ाकर लाई कबूतरनी
शादी का एलबम सीडी या कोई
सबूत साथ रखना होगा
यह बताने के लिए
उड़ाकर लाई कबूतरनी नहीं
ब्याह कर लाई पत्नी यही
बार-बार साबित करना होगा
कहना पडेगा चीख-चीख कर'यही है मेरी पत्नी'
कितना हैरान होगा जब कोई
विदेशी पूछेगा
'यह आपकी कौन'
भारतीय कहेगा'पत्नी '
विदेशी पूछेगा'क्या अपनी'
अपने घर में ही उनसे डरते हैं
भला उन विदेशियों से कैसे लड पायेंगे
जब अपने ही समाज के चरित्र पर
लगा दाग वह दिखायेंगे
उनके घर में पलटकर
कैसे पूछ पायेंगे'क्या पराई भी होती है पत्नी'
हवाई अड्डों पर शुरू होगी चेकिंग
'कौन लाया है पत्नी और 'कौन कबूतरनी '
कितनी बार सबूत माँगता है आदमी
अपनी पत्नी से उसके पतिव्रता होने के
वह दिन भी आयेगा जब
पत्निव्रता होने के सबूत उसे
अपने साथ रखने होंगे
हवा में उड़ने से पहले और बाद
उसे कदम-कदम पर
करना होगा साबित
'जो स्त्री मेरे साथ है
उसे लाने का खर्चा मैंने ही उठाया है
कोई नहीं खाया है कमीशन
इसे लाने के लिए इसके
माँ-बाप से भी
लाया हूँ लिखित परमीशन
यह कोई कबूतरनी नहीं
मेरी है अपनी पत्नी'
इस तरह विदेशी दौरे पर आदमी की
जान तो सांसत में रहेगी
हंसती रहेगी पत्नी

Wednesday, December 12, 2007

क्रिकेट और फिल्म के हीरो बन रहे हैं जीरो

खिलाडियों का मैदान में खेलना
अब पर्याप्त नहीं
जब तक दर्शकों में हीरो की
छबि अब पहले जैसी व्याप्त नहीं
इसलिए मैदान में लगाओ
किसी हीरो की छाप
फ्लाप होने की तरह बढ़ रहे हीरो
क्रिकेट भी देखते
खिलाडियों को भी
रंगीन चश्में से देखते
फिल्मी दर्शकों को देते सन्देश
उनकी फिल्में भी देखते रहो
क्रिकेट को अभी भी सहते रहो
हिट बनाने का यह नया फार्मूला है
फ्लाप से जोड़ दो फ्लाप
फिल्म में फ्लॉप होने के भय से
क्रिकेट के मैदान में जाते हीरो
रैंप पर कमर नचाते क्रिकेट खिलाड़ी
मैदान में बनाते जीरो
इसलिए फिल्म और क्रिकेट
मिलाकर परोसा जा रहा है पब्लिक के सामें
भले ही दोनों का आपस में कोई नाता नहीं

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